
विनोद शुक्ला जरवल रोड बहराइच । नेशनल हाईवे-927 बाराबंकी-बहराइच मार्ग पर स्थित संजय सेतु की सेहत सुधारने की तैयारी तेज हो गई है। मरम्मत कार्य के दौरान यातायात को सुचारू रखने के लिए घाघरा नदी पर पांटून (पीपे) का अस्थायी पुल बनाया जाएगा। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 628.53 लाख रुपये के बजट को हरी झंडी दे दी है।
प्रयागराज से आएंगे 208 पीपे
इस पांटून पुल के निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना के अनुसार, प्रयागराज की कार्यशाला (झूंसी/इलाहाबाद वर्कशॉप) से 208 पीपे बड़े ट्रकों और ट्रेलरों के जरिए घाघराघाट लाए जाएंगे। इन पीपों को नदी किनारे उतारकर 104 जोड़ी के सेट में असेंबल किया जाएगा, जिससे वाहनों के गुजरने के लिए मजबूत रास्ता तैयार हो सके।
15 अप्रैल तक काम पूरा करने का लक्ष्य
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया है कि पुल का निर्माण 15 अप्रैल 2026 तक या उससे पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए। कार्य की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने साफ किया है कि बजट हस्तांतरण की प्रक्रिया चलती रहेगी, लेकिन कार्य को तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया जाए।
क्यों पड़ रही है जरूरत?
संजय सेतु पर मरम्मत का काम लंबे समय से प्रस्तावित है। काम शुरू होने पर हाईवे का ट्रैफिक पूरी तरह बंद करना पड़ेगा। जरवल रोड और बहराइच के बीच वाहनों के आवागमन में बाधा न आए, इसलिए घाघराघाट पर पांटून पुल बनाकर ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा।
ठेकेदार को निर्देश
प्रशासन ने संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया है कि वे 13 अप्रैल 2026 तक पर्याप्त मशीनरी और मजदूरों के साथ साइट पर अपनी तैनाती सुनिश्चित करें। पांटून पुल बनने से क्षेत्र के लोगों और ट्रांसपोर्टरों को मरम्मत के दौरान लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलेगी।