15 अप्रैल 2026 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य, छोटे वाहनों के लिए रहेगा आवागमन

विनोद शुक्ला, जरवल रोड (बहराइच)। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु और रेलवे एल्गिन ब्रिज के मध्य जल्द ही पीपे (पांटून) का पुल बनाया जाएगा। निर्माण कार्य के लिए पीपे की पहली खेप, जिसमें करीब एक दर्जन पांटून शामिल हैं, घाघराघाट पहुंच चुकी है। विभाग के अनुसार पुल निर्माण का कार्य दिन-रात चलाया जाएगा ताकि इसे समय से पूरा किया जा सके। यह पुल मुख्य रूप से छोटे वाहनों—कार, मोटरसाइकिल और साइकिल—के आवागमन के लिए बनाया जा रहा है। बड़े वाहनों के लिए जिला प्रशासन द्वारा रूट डायवर्जन की व्यवस्था की जाएगी। निर्माण कार्य 15 अप्रैल 2026 तक पूरा करने का आदेश जारी किया गया है। इस काम की जिम्मेदारी एएम बिल्डर्स एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दी गई है। बताया जा रहा है कि परियोजना में सबसे अधिक खर्च पांटून की ढुलाई पर प्रस्तावित है। कुल 208 पांटून ट्रक-ट्रेलर के माध्यम से संजय सेतु तक पहुंचाए जा रहे हैं, जिनकी आपूर्ति का सिलसिला जारी है। लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-1 बहराइच द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के अंतर्गत किलोमीटर 35 पर घाघरा घाट में 1.570 किलोमीटर लंबा पांटून सेतु बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। इस परियोजना की अनुमानित लागत 826.45 लाख रुपये रखी गई थी। परीक्षण के उपरांत मुख्यालय स्तर से 628.53 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है ।