घाघरा नदी पर वैकल्पिक व्यवस्था की उठाई मांग
विनोद शुक्ला, जरवल रोड, बहराइच। गोंडा–लखनऊ को जोड़ने वाला संजय सेतु (घाघरा पुल) क्षेत्र की जीवनरेखा है, जिस पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। मरम्मत के नाम पर इसे एक माह तक बंद किए जाने की संभावना से आमजन, व्यापारी, छात्र, किसान और मरीजों को भारी असुविधा होने की आशंका है।
इसी जनहित को ध्यान में रखते हुए एक प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर स्पष्ट आग्रह किया कि पुल बंद करने से पहले सशक्त वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि प्लाटून पुल (पीपे का पुल) या किसी अन्य ठोस अस्थायी मार्ग की व्यवस्था के उपरांत ही संजय सेतु को मरम्मत हेतु बंद कराया जाए, ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उल्लेखनीय है कि बहराइच, *श्रावस्ती और बलरामपुर जनपद से जुड़े इस अत्यंत महत्वपूर्ण पुल के संबंध में इन तीनों जनपदों के किसी भी विधायक या सांसद द्वारा अब तक कोई ठोस आवाज नहीं उठाई गई है, जबकि इस पुल पर लाखों लोगों की दैनिक निर्भरता है।
मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि जनता की सुविधा सर्वोपरि रहेगी। प्रतिनिधिमंडल ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ जनकष्ट से बचाव ही प्रमुख लक्ष्य है।
इस अवसर पर कर्नलगंज विधायक अजय कुमार सिंह,मुजेहना विधायक विनय कुमार द्विवेदी, कटरा विधायक बावन सिंह, तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय, गौरा विधायक पटेल प्रभात वर्मा उपस्थित रहे।
