शिव-पार्वती विवाह महोत्सव एवं श्रीमद्भागवत कथा का पाँचवाँ दिन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न
विनोद शुक्ला, परसपुर क्षेत्र के ग्राम बलमत्थर पूरेटीका मिश्र में आयोजित शिव-पार्वती विवाह महोत्सव एवं श्रीमद्भागवत कथा के पाँचवें दिन रुक्मिणी विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। संगीतमय कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर ‘राधे-कृष्ण’ के जयघोष से वातावरण गुंजायमान करते रहे।
राज कंस्ट्रक्शन कम्पनी एवं राज ट्रेडर्स के संचालक राजदत्त मिश्रा के पैतृक आवास पर चल रही कथा में कथा व्यास डॉ. महीधर शुक्ल ने रुक्मिणी हरण एवं विवाह प्रसंग का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि रुक्मिणी जी की अटूट श्रद्धा और समर्पण ने भगवान श्रीकृष्ण को उन्हें वरण करने के लिए प्रेरित किया। यह प्रसंग सच्चे प्रेम, विश्वास और धर्म की विजय का प्रतीक है।
कथा व्यास ने बताया कि जब रुक्मिणी जी ने भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपने हृदय की भावना व्यक्त की, तब श्रीकृष्ण ने आकर उनका हरण किया और विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
विशाल प्रवचन पंडाल में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। मुख्य यजमान राजदत्त मिश्रा (डलिहा महाराज) एवं परिवारजनों ने कथा व्यास का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में प्रयाग दत्त मिश्रा (लल्लन काका), चंद्रमौली मिश्रा, सुभाष मिश्रा, अवधेश मिश्रा, प्रदुम नारायण मिश्रा गले प्रधान, लालजी मिश्रा, श्यामजी मिश्रा, अखिलेश मिश्रा, मुकेश, आशुतोष, आकाश, चंद्रिका तिवारी सच्चिदानंद शुक्ला रामगोपाल मिश्रा दुर्गा मिश्रा बाबा दिन मिश्रा विकास, नवनीत, संस्कार मिश्र सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्य यजमान राजदत्त मिश्रा ने बताया कि 16 फरवरी को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
