विनोद शुक्ला परसपुर गोंडा । क्षेत्र के ग्राम पंचायत बलमत्थर टीका मिश्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस पर कथा व्यास डॉ. महिधर शुक्ला ने सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए सच्ची मित्रता, त्याग और समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता निस्वार्थ प्रेम की प्रतीक है, उसी प्रकार जीवन में सच्चे मित्र का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

कथा के दौरान व्यास जी ने राम और सुग्रीव की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि संकट की घड़ी में जो साथ दे वही सच्चा मित्र होता है। उन्होंने सीता जी के विरह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया, जब प्रभु श्रीराम वन-वन भटककर पशु-पक्षियों, वृक्षों और लताओं से जानकी जी के विषय में पूछते हैं। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं।

व्यास जी ने समझाया कि भक्ति, प्रेम और विश्वास ही जीवन का वास्तविक अमृत है। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भजनों पर झूमते हुए भगवान का गुणगान किया। कार्यक्रम के अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के राज दत्त डेलिहा महाराज लल्लन काका रामजी मिश्रा लाल जी सुभाष मिश्रा अवधेश मिश्रा प्रदुम मिश्रा गल्ले प्रधान संख्या में लोग मौजूद रहे । राम जी मिश्रा ने बताया की कथा के समापन दिवस पर हवन यज्ञ हुआ है 16 फरवरी को विशाल भंडारे का आयोजन होना है ।
