
रिपोर्ट – विनोद शुक्ला
करनैलगंज गोंडा । ग्राम पंचायत रामगढ़ के अतरौलिया गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिवस पर श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। अयोध्या से आए कथा व्यास पूज्य श्री रघुनाथ शास्त्री जी महाराज ने ध्रुव चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि एक मात्र पांच वर्ष का बालक भी यदि सच्चे मन से माता की आज्ञा का पालन करे और भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा रखे, तो वह भगवान को प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि ध्रुव ने अपनी सौतेली माता के तिरस्कार के बावजूद हार नहीं मानी और कठोर तपस्या कर भगवान की गोद प्राप्त की। इस प्रसंग के माध्यम से महाराज जी ने स्पष्ट किया कि भगवान को पाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और भक्ति की आवश्यकता होती है । आगे उन्होंने प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि भगवान अपने भक्त की रक्षा के लिए खंभे से भी प्रकट हो जाते हैं। इसी परंपरा से हमारे यहां पत्थरों में भगवान की पूजा का चलन प्रारंभ हुआ। कथा के दौरान महाराज जी ने यह भी कहा कि भारत में रहने वाले सभी प्राणियों को भगवान राम की भक्ति करनी चाहिए, क्योंकि भारतीय संस्कृति और लोक दर्शन का महत्व इतना महान है कि देवता भी इसे देखने के लिए लालायित रहते हैं।

कथा के तीसरे दिवस पर कथा के पश्चात आयोजक डॉ. सर्वेश शुक्ला केयहां आए दूर-दराज के अतिथियों का महाराज जी द्वारा पटका व पीतांबर वस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर जयप्रकाश शास्त्री, सूर्यकांत सिंह (एडवोकेट), नीरज श्रीवास्तव (अयोध्या), अशोक कुमार तिवारी, वैभव शुक्ला, चिराग शुक्ला, कमल शुक्ला, डॉ. कृष्ण बिहारी शुक्ला, विश्वनाथ शुक्ला, सुभाष अवस्थी, अनन्तराम यादव, श्रीकिशन शर्मा, वेदप्रकाश तिवारी, देवेंद्र तिवारी, महेंद्र तिवारी एवं श्याम तिवारी धर्मेंद्र शुक्ला विनोद त्रिपाठी अरविंद पाठक राज नारायण दुबे मुन्ना सुनील शुक्ला महेंद्र शुक्ला प्रिंस तिवारी रवि शुक्ला शिवम शुक्ला सिद्धार्थ शुक्ला शेखर शुक्ला सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।