
रिपोर्ट – विनोद शुक्ला
करनैलगंज (गोंडा)। ग्राम पंचायत रामगढ़ के अतरौलिया गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा का शुभारंभ परम पूज्य महाराज श्री रघुनाथ दास शास्त्री जी के श्रीमुख से हुआ, जिसमें उन्होंने महात्म्य कथा का रसपान कराते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान से सराबोर किया।

कथा के दौरान महाराज श्री ने विशेष रूप से गोकर्ण एवं धुंधकारी प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि गोकर्ण, जो एक गाय के पुत्र थे, उन्होंने धुंधकारी जैसे पापी जीव का उद्धार कर मानव जीवन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। इस प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। महाराज श्री ने आगे बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना महर्षि वेदव्यास जी ने की थी। उनके पुत्र शुकदेव जी जन्म लेते ही वैराग्य धारण कर चुके थे, लेकिन भागवत के दो श्लोकों का श्रवण करते ही वे श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गए। तत्पश्चात उन्होंने भागवत का अध्ययन कर जीवनभर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मे अपना ध्यान समर्पित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंच पर आगमन के साथ ही कथा आयोजक डॉ. सर्वेश कुमार शुक्ला (सर्जन), उनकी धर्मपत्नी माया शुक्ला एवं माताजी कमला शुक्ला द्वारा महाराज श्री का अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात जयप्रकाश शुक्ला शास्त्री एवं विनोद शुक्ला ने भी स्वागत कर सम्मान प्रकट किया।

इस अवसर पर पल्लवी शुक्ला, वर्षा शुक्ला, सुरेश तिवारी, सौम्या तिवारी, गिरिजेश शुक्ला, प्रीति शुक्ला, प्रिंस तिवारी, संदीप द्विवेदी, धर्मेंद्र शुक्ला, रामकृपाल शुक्ला, साक्षी तिवारी आस्था शुक्ला बिंदा तिवारी मीना मिश्रा देव कुमार शुक्ला, ओंकारनाथ शुक्ला सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुष उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया